कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने का अर्थ है, भगवान कृष्ण का अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों को इन्द्र के प्रकोप से बचाना। यह घटना भगवान कृष्ण की शक्ति, निस्वार्थ सेवा और भक्तों के प्रति प्रेम को दर्शाती है।