मानो कोई दिव्य सितारा उदित हुआ हो... महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के युवा देवव्रत महेश रेखे ने मात्र 19 वर्ष की आयु में ऐसा अद्भुत कार्य कर दिखाया है, जिसे सुनकर हर सनातनी का हृदय गर्व से भर उठे। दण्डक्रम वेद पारायण के अंतर्गत 425 लाख से अधिक वेद पदों का लगातार 50 दिनों तक बिना किसी ग्रंथ के सहारे, बिना एक भी त्रुटि, उच्चारण कर उन्होंने सनातन वेद परंपरा की ध्वजा और भी ऊँची कर दी है। उनकी वाणी में तप है, साधना है, और अप्रतिम दिव्यता का तेज है। ऐसी अलौकिक प्रतिभा सदियों में कभी-कभार जन्म लेती है। देश की भावी पीढ़ी और युवाओं को इनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। देवव्रत जी को हृदय से साधुवाद एवं शुभाशीष।