"मिट्टी के आंगन, कच्चे घर और खपरैल की छतों से झाँकती सब्ज़ियाँ… यही तो असली अमीरी थी गाँव की ❤️🌿 जहाँ चूल्हे की महक, आँगन के फूल और बच्चों की किलकारियाँ मिलकर ज़िंदगी को जन्नत बना देती थीं।" 😍❤